इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में उल्टी-दस्त से 29वीं मौत की सूचना है। मृतक 62 वर्षीय खूबचंद बंधोनियां (पिता गन्नूदास) थे, जिन्हें तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि उन्होंने दो बार स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराया था, लेकिन बावजूद इसके उनकी जान नहीं बच सकी।
मृतक के परिजनों ने अंत्येष्टि से पहले शव को भागीरथपुरा चौक पर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में भारी तनाव की स्थिति बन गई। उन्होंने प्रशासन से जवाबदेही और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस बीच, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दूषित पानी मामले की सुनवाई करते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इलाके में पानी की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इंदौर में पानी की खराब गुणवत्ता और लगातार स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर नागरिकों में गहरी चिंता और नाराजगी है।
कोर्ट में 23 मौतों की रिपोर्ट पेश की गई। इसमें से 16 मौतें दूषित पानी से हुई मान ली गई हैं, जबकि चार मामलों को लेकर असमंजस जताया गया। शेष तीन मौतें दूषित पानी से नहीं मानी गई हैं।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को सख्त चेतावनी दी और आवश्यकतानुसार स्वतंत्र जांच के आदेश दिए। अदालत ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और प्रभावित परिवारों को उचित राहत मिले।
इस सुनवाई के बाद इंदौर में पानी की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
हाईकोर्ट ने प्रशासन को दैनिक जल गुणवत्ता जांच करने और नियमित स्वास्थ्य शिविर जारी रखने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि चार हफ्ते में अंतरिम रिपोर्ट पेश की जाए।
इस मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च 2026 को होगी। इस कदम से इंदौर में पानी की गुणवत्ता और नागरिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।



