मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त: आखिरी दो हार्डकोर नक्सलियों का आत्मसमर्पण, मुख्यमंत्री ने दी बधाई
भोपाल/बालाघाट: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के “2026 तक देश को नक्सल-मुक्त बनाने” के महत्वाकांक्षी अभियान को मध्यप्रदेश ने समय से काफी पहले साकार कर दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने आज (तारीख) एक बड़ी सफलता हासिल की, जब बालाघाट में प्रदेश के आखिरी दो रजिस्टर्ड हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
43 लाख के इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वाले इन दो नक्सलियों की पहचान दीपक उर्फ मंगल उइके और रोहिदास उर्फ रोहित के रूप में हुई है। ये दोनों लंबे समय से सक्रिय थे और सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बने हुए थे। इन दोनों कुख्यात नक्सलियों पर कुल मिलाकर 43 लाख रुपये का बड़ा इनाम घोषित था। बालाघाट में हुए इस आत्मसमर्पण को राज्य की नक्सल विरोधी रणनीति की एक महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को दी बधाई
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भोपाल से बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जिलों के पुलिस महानिरीक्षकों (IGs) और पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। मुख्यमंत्री ने इन सभी अधिकारियों को, साथ ही पूरी पुलिस टीम को इस उल्लेखनीय कार्य और प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में उनकी सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी।
मध्यप्रदेश सरकार का दावा है कि इस आत्मसमर्पण के बाद, राज्य में अब कोई भी रजिस्टर्ड हार्डकोर नक्सली सक्रिय नहीं बचा है, जिससे प्रदेश ने इतिहास रच दिया है।



