भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 का दूसरा दिन आज शुरू हो रहा है। पहले दिन मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी।
आज सदन में वित्त मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 का तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट पेश करेंगे। सूत्रों के अनुसार यह बजट 10 से 20 हजार करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। यह राशि उन विभागों को दी जाएगी, जिन्होंने अपना मूल बजट खर्च कर लिया है या जिन्हें केंद्र से अतिरिक्त फंड मिलने की संभावना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अनुपूरक बजट में कोई नई योजना या नए वाहन खरीद के लिए प्रावधान नहीं किया जाएगा, ताकि राजकोष पर अतिरिक्त बोझ न बढ़े।
विपक्ष का तीखा रुख
पहले दिन ही कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से कथित मौतों और छिंदवाड़ा की घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख है, लेकिन किसानों की समस्याएं, बढ़ता कर्ज और जल संकट जैसे जमीनी मुद्दे शामिल नहीं हैं। कांग्रेस ने बजट से पहले श्वेत पत्र जारी कर कर्ज की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
आज भी सदन में इन मुद्दों पर हंगामे के आसार हैं। विपक्ष ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए आवारा कुत्तों की समस्या, अधूरी सिंचाई परियोजनाओं और अन्य स्थानीय विषयों को उठाने की तैयारी में है।
सत्र की रूपरेखा
बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। 18 फरवरी को वर्ष 2026-27 का मुख्य बजट पेश किया जाएगा। इसमें कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंहस्थ और मेट्रो परियोजनाओं पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।



