भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने देश के कृषि मंत्री के क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये से अधिक के गेहूं घोटाले का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आर्थिक अपराध ब्यूरो (EOW) से जांच कराने की मांग की है।
CM को लिखा पत्र, पुराना मामला भी उठाया
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि जुलाई 2023 में भी उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस मुद्दे पर पत्र लिखा था।
उन्होंने उम्मीद जताई कि “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” के सिद्धांत के अनुरूप दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
150 करोड़ खर्च, 35 करोड़ का गेहूं
कांग्रेस नेता के अनुसार:
- सरकारी वेयरहाउस (दिवटिका, अब्दुल्लागंज और नूरगंज) में रखे करीब 35 करोड़ रुपये के गेहूं की देखरेख और किराये पर
- 150 करोड़ रुपये तक खर्च किए गए, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ
40 हजार टन गेहूं सड़ने का दावा
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि लगभग 40 हजार टन गेहूं लंबे समय तक गोदामों में पड़े रहने से सड़ गया।
उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला बताया।
EOW जांच की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से मांग की है कि:
- इस पूरे मामले की EOW (आर्थिक अपराध ब्यूरो) से जांच कराई जाए
- दोषी अधिकारियों और निजी गोदाम मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
सियासी माहौल गरमाया
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। अब इस मामले में सरकार और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।



