भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
बिजनेस डेस्क: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के लिए निर्धारित वेतन सीमा (Wage Ceiling) को बढ़ाने पर विचार कर रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो मौजूदा 15,000 रुपये की सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये की जा सकती है। इससे 15,000 से 25,000 रुपये तक बेसिक वेतन पाने वाले लाखों कर्मचारी भी अनिवार्य रूप से EPF और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के दायरे में आ जाएंगे।
वित्त मंत्रालय से मिली मंजूरी, अब कैबिनेट के फैसले का इंतजार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) ने वेतन सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही नई वेतन सीमा लागू होने की तारीख तय होगी।
कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
नई सीमा लागू होने पर 15,000 से 25,000 रुपये तक बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए EPF और EPS में शामिल होना अनिवार्य हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत बढ़ेगी और उन्हें कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) का लाभ भी मिलेगा। लंबे समय में यह उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगा।
कंपनियों पर बढ़ेगा वित्तीय बोझ
वेतन सीमा बढ़ने के बाद कंपनियों को अधिक कर्मचारियों के लिए EPF और EPS में योगदान देना होगा। इससे नियोक्ताओं का वेतन संबंधी खर्च बढ़ सकता है। साथ ही, कंपनियों को अपने पेरोल सिस्टम, सॉफ्टवेयर और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी बदलाव करने पड़ सकते हैं, ताकि नए नियमों का पालन किया जा सके।
अभी क्या हैं EPF के नियम?
मौजूदा नियमों के अनुसार, 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में 15,000 रुपये तक बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए EPF और EPS में शामिल होना अनिवार्य है। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों अपने-अपने हिस्से का 12-12 प्रतिशत योगदान करते हैं। नियोक्ता के योगदान का 8.33 प्रतिशत हिस्सा EPS में जमा होता है, जबकि शेष राशि EPF खाते में जाती है।
15,000 रुपये से अधिक वेतन वालों के लिए क्या व्यवस्था?
फिलहाल 15,000 रुपये से अधिक बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारी संयुक्त घोषणा (Joint Declaration) के माध्यम से स्वेच्छा से EPF में शामिल हो सकते हैं। उनके लिए EPF सदस्यता अनिवार्य नहीं है।
अंतिम फैसला अभी बाकी
हालांकि, वेतन सीमा को 25,000 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। इस पर अंतिम फैसला केंद्रीय कैबिनेट को लेना है। मंजूरी मिलने के बाद ही नई व्यवस्था लागू होने की तारीख और इससे लाभान्वित होने वाले कर्मचारियों की संख्या स्पष्ट हो सकेगी।



