भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों परिवारों को बड़ी राहत देने जा रही है। ‘स्वामित्व योजना’ के तहत प्रदेश की ग्राम आबादी भूमि में स्थित करीब 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके लिए लगने वाली करीब ₹3,800 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का खर्च राज्य सरकार खुद वहन करेगी।
सरकार के अनुसार, स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री की सुविधा देने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले संपत्ति धारकों को उनकी संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक मजबूत करने में मदद मिलेगी।
17 सितंबर को इंदौर से होगा अभियान का शुभारंभ
इस महाअभियान का औपचारिक शुभारंभ 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में किया जाएगा। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भी मौजूद रहने की जानकारी दी गई है।
68 लाख से ज्यादा पट्टे मंजूर
स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में कुल 68.11 लाख पट्टे मंजूर किए गए हैं। इनमें करीब 48.32 लाख पट्टे निजी व्यक्तियों के हैं, जबकि 19.79 लाख पट्टे संस्थागत और सरकारी संपत्तियों से जुड़े हैं।
राजधानी भोपाल में भी इस योजना का बड़ा असर देखने को मिलेगा। यहां ग्राम आबादी क्षेत्र में रहने वाले करीब 42 हजार लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का सीधा लाभ मिलने की बात कही गई है।
संपत्ति धारकों को मिलेगा कानूनी दस्तावेज
ग्रामीण आबादी भूमि पर बने मकानों की रजिस्ट्री नहीं होने के कारण अब तक कई लोगों को संपत्ति के आधार पर बैंक लोन लेने, उसे बेचने या हस्तांतरित करने में परेशानी होती थी। सरकार की इस पहल के बाद पात्र संपत्ति धारकों को बिना रजिस्ट्री शुल्क दिए स्वामित्व कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे ग्रामीण परिवारों के पास उनकी संपत्ति का औपचारिक दस्तावेज होगा और संपत्ति से जुड़े लेनदेन तथा वित्तीय जरूरतों में उन्हें सुविधा मिलने की उम्मीद है।




