गंजबासौदा का नया नाम होगा वासुदेव नगर, सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार (23 नवंबर) को गंजबासौदा के दौरे के दौरान ऐलान किया कि शहर का नाम बदलकर वासुदेव नगर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को नाम-परिवर्तन का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
सीएम ने इस मौके पर गंजबासौदा को 182 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नाम बदलने की पहल की गई है।
सरकारी स्तर पर अंतिम मंजूरी मिलने के बाद गंजबासौदा आधिकारिक रूप से वासुदेव नगर के नाम से जाना जाएगा।
‘विरासत से विकास के पथ पर अग्रसर’ — गंजबासौदा में सीएम मोहन यादव का संबोधन
गंजबासौदा में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्षेत्र की गौरवशाली विरासत और विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विदिशा सदैव राष्ट्रवादी विचारधारा का केंद्र रहा है, जहां से देश की कई महान हस्तियों ने अपनी कर्मभूमि बनाई।
सीएम ने विशेष रूप से राजमाता विजयाराजे सिंधिया, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली और विचारधारा ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है।
उन्होंने बताया कि आज विदिशा और गंजबासौदा कृषि, उद्योग, व्यापार और व्यवसाय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यह क्षेत्र अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत से लेकर आधुनिक विकास कार्यों तक, निरंतर उन्नति की राह पर अग्रसर है।
सीएम ने कहा कि गंजबासौदा वास्तव में ‘विरासत से विकास’ के मूल मंत्र को जीवंत करते हुए नई पहचान की ओर बढ़ रहा है।
मोहन सरकार में अब तक 69 स्थानों का बदला नाम — कई शहरों और गांवों को मिली नई पहचान
मध्यप्रदेश में नाम-परिवर्तन की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। मोहन सरकार के कार्यकाल में अब तक 69 स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं, जिनमें शहर से लेकर गांव तक शामिल हैं।
सबसे प्रमुख बदलावों में–
इस्लाम नगर → जगदीशपुर (भोपाल)
होशंगाबाद → नर्मदापुरम
नसरुल्लागंज → भैरुंदा
इसके अलावा उज्जैन के मौलाना, जहांगीरपुर और गजनीखेड़ी का नाम भी बदला जा चुका है।
जिला स्तर पर भी बड़े बदलाव हुए—
शाजापुर जिले के 11 गांवों को नए नाम मिले
देवास जिले के 54 गांवों के नाम परिवर्तित किए गए
सरकार का कहना है कि ये बदलाव स्थान की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक महत्व और स्थानीय भावनाओं को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं।



