नक्सल प्रभावित 100 ग्रामों के विकास कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश
बालाघाट। जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। जिले के प्रथम चरण में चयनित 100 ग्रामों के विकास कार्यों पर चर्चा के लिए 9 नवंबर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्श कांत शुक्ला, सहायक कलेक्टर आकाश अग्रवाल, अपर कलेक्टर डी.पी. बर्मन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रथम चरण के 100 ग्रामों के विकास कार्यों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के साथ-साथ द्वितीय चरण के 100 ग्रामों के लिए भी शीघ्रता से विकास योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
आईजी संजय कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क सुधार, चौड़ीकरण, पुल-पुलियों का निर्माण, स्कूलों का विकास, कृषि व उद्यानिकी के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं, आंगनवाड़ी केंद्रों और उचित मूल्य की दुकानों के भवन, बिजली व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों में पानी में फ्लोराइड और आयरन की समस्या है, वहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के प्रस्ताव भी शामिल किए जाएं।
कलेक्टर मृणाल मीना ने कहा कि प्रस्ताव बनाते समय यह ध्यान रखा जाए कि जो कार्य विभागीय मद या नियमित योजनाओं से कराए जा सकते हैं, उन्हें इस योजना में शामिल न किया जाए। केवल ऐसे कार्य प्रस्तावित किए जाएं जो सामान्य बजट या योजनाओं से संभव नहीं हैं। उन्होंने प्रथम चरण के बाद दूसरे चरण के 100 ग्रामों के लिए विकास कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा तैयार प्रस्तावों की जानकारी भी दी गई।
विद्युत विभाग ने बिजली आपूर्ति और वोल्टेज समस्या के समाधान हेतु 13 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए हैं।
सिंचाई विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए स्टॉपडैम निर्माण के प्रस्ताव दिए हैं।
पशुपालन विभाग ने पशु शेड निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए हैं।
मत्स्य विभाग ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब निर्माण और बायो फ्लॉक तकनीक के प्रस्ताव तैयार किए हैं।
उद्यानिकी विभाग ने सब्जी और मसाला उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर सेट की व्यवस्था के प्रस्ताव दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने रजेगांव से लांजी चार लेन सड़क, डाबरी से चौरिया सड़क सहित कई सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए हैं।
बैठक में यह तय किया गया कि नक्सल प्रभावित ग्रामों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता से किया जाएगा ताकि क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी जा सके।



