तिरुवनंतपुरम। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी में मंथन तेज हो गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर बुधवार या गुरुवार को नई दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ अहम बैठक कर मेयर उम्मीदवार के नाम को अंतिम रूप दे सकते हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश नेतृत्व ने इस पद के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा के नाम पर लगभग सहमति बना ली है। हालांकि, अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि श्रीलेखा को मेयर उम्मीदवार बनाए जाने से भाजपा को राजनीतिक रूप से लाभ मिल सकता है और महिलाओं को नेतृत्व के प्रमुख पदों पर आगे लाने की पार्टी की नीति को भी मजबूती मिलेगी। पार्टी इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है।
इससे पहले यह फैसला पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि वरिष्ठ नेता वी.वी. राजेश डिप्टी मेयर नहीं बन पाएंगे। यह पद महिला पार्षद के लिए आरक्षित है। हालांकि अब भाजपा इसे नगर निगम के शीर्ष दो पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपने और इसे ‘नारी शक्ति मॉडल’ के रूप में प्रस्तुत करने के अवसर के तौर पर देख रही है।
यदि केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलती है तो भाजपा आने वाले दिनों में तिरुवनंतपुरम नगर निगम के लिए अपने मेयर उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। साथ ही, पार्टी नेतृत्व त्रिशूर सहित अन्य क्षेत्रों में हाल ही में मिली चुनावी हार की भी विस्तृत समीक्षा कर सकता है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि शीर्ष पद पर एक पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मौजूदगी से भाजपा को तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में चार दशक से अधिक समय से चले आ रहे एलडीएफ शासन के दौरान कथित अनियमितताओं को उजागर करने में मजबूती मिलेगी। भाजपा नेताओं ने कई बार आरोप लगाया है कि वी. शिवनकुट्टी और आर्य राजेंद्रन के कार्यकाल में निगम में कई कथित घोटाले हुए हैं, जिनका पर्दाफाश पार्टी करेगी।
सूत्रों ने बताया कि यदि आर. श्रीलेखा की उम्मीदवारी को केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी मिलती है, तो संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए वरिष्ठ नेता वी.वी. राजेश और पूर्व सस्थमंगलम पार्षद एस. मधुसूदनन नायर को अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
पार्टी नेताओं ने सस्थमंगलम वार्ड से श्रीलेखा की जीत में मधुसूदनन नायर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर सहित कुछ वरिष्ठ नेता अनुभवी पार्षद के. एस. सबरिनाथन की हार से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा,
“श्रीलेखा की जीत में एस. मधुसूदनन नायर के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। केंद्रीय नेतृत्व इस पहलू पर गंभीरता से विचार करेगा और हमें शुक्रवार या शनिवार तक किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद है।”
वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व राज्य की राजधानी में हो रहे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है, क्योंकि तिरुवनंतपुरम के मेयर देश की किसी राज्य राजधानी के पहले भाजपा मेयर हो सकते हैं। इसे पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एक अहम उपलब्धि के तौर पर देख रही है।
एक अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा,
“यह मेयर पद राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरेगा। राजधानी में उठाया गया हर फैसला देशभर में देखा जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व इस बात से पूरी तरह अवगत है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से तिरुवनंतपुरम में पार्टी के प्रयासों को समर्थन देने का भरोसा दिलाया है।”



