भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
उज्जैन। श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की शाही सवारी को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और भीड़ प्रबंधन के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। इस बार सबसे बड़ा फैसला यह है कि दर्शन मार्ग पर मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, ताकि श्रद्धालु बिना बाधा के बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें।
प्रशासन का कहना है कि दर्शन के दौरान फोटो और वीडियो बनाने से भीड़ बढ़ती है और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए श्रद्धालुओं से मोबाइल का उपयोग न करने और व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है।
सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम
करीब 1.75 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए नगर निगम, पुलिस, विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे सवारी मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और 15 स्थानों पर मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी।
महाकाल सवारी का कार्यक्रम
- पहली शाही सवारी: 3 अगस्त 2026
- अंतिम शाही सवारी: 7 सितंबर 2026
- 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह 3:00 बजे खुलेंगे।
- प्रत्येक सोमवार को मंदिर के पट सुबह 2:30 बजे खोले जाएंगे।
दर्शन और जलाभिषेक व्यवस्था
आम श्रद्धालुओं के लिए त्रिवेणी संग्रहालय (त्रिवेणी गेट) से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी, जबकि शीघ्र दर्शन के लिए गेट नंबर 1 और 5 निर्धारित किए गए हैं। कांवड़ यात्रियों को मंगलवार से शुक्रवार तक ही जल अर्पित करने की अनुमति होगी। शनिवार, रविवार और सोमवार को अत्यधिक भीड़ के कारण जलाभिषेक की अनुमति नहीं रहेगी।
सवारी की विशेष आकर्षण
इस वर्ष महाकाल की प्रत्येक शाही सवारी एक अलग थीम पर आधारित होगी। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। श्रद्धालुओं के लिए सवारी मार्ग पर 5 एलईडी रथ भी चलाए जाएंगे, जिनके माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक झलकियां दिखाई जाएंगी।



