इंदौर। नगर निगम के बजट सत्र में ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मुस्लिम महिला पार्षदों के विरोध के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है और विभिन्न वार्डों में राष्ट्रगीत के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
वार्ड क्रमांक 7 में आयोजित कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ‘वंदे मातरम’ का गायन किया और कहा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है तथा देश का हर नागरिक राष्ट्रगीत का आदर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मुसलमान देश और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करते हैं।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान ने नगर निगम के बजट सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार कर दिया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे मुद्दा बनाते हुए शहरभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।
पुतला दहन और सामूहिक गायन
नवलखा चौराहे पर एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाकर विरोध जताया। वहीं बड़े गणपति चौराहा सहित कई प्रमुख स्थानों पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र होकर ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन कर रहे हैं।
बयानबाजी से बढ़ा विवाद
भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज मिश्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि संबंधित पार्षद अपने इतिहास की जांच करें और यदि वे ‘घर वापसी’ कर सनातन धर्म अपनाना चाहें तो उनका स्वागत है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर इंदौर का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने की संभावना है।



