निर्माण कार्य शुरू करने से पहले MPBOCW मंडल को देना होगा सूचना
राज्य में निर्माण कार्यों को लेकर श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब किसी भी निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से पहले MPBOCW (Madhya Pradesh Building and Other Construction Workers) मंडल को अनिवार्य रूप से सूचित करना होगा।
इस कदम का उद्देश्य श्रमिकों के सुरक्षा मानकों और कल्याण सुविधाओं को सख्ती से लागू करना है। मंडल के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपकरण, चिकित्सा सुविधाएं और श्रमिकों के अधिकारों की पूरी तरह से पालना हो।
साथ ही, यह कदम निर्माण श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके कल्याणकारी लाभों तक उनकी पहुँच को भी मजबूत करेगा।
निर्माण कंपनियों और श्रमिकों से अपील की गई है कि वे इस नए नियम का पालन करें ताकि किसी भी अप्रत्याशित दुर्घटना या समस्या से बचा जा सके।
निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सूचना देना अनिवार्य
भवन और अन्य संनिर्माण कर्मकार (MPBOCW) अधिनियम, 1996 के अंतर्गत अब हर निर्माण कार्य की सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों के अनुसार, यह नियम सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों और श्रमिक कल्याण सुविधाओं की निगरानी को सुदृढ़ करेगा। इसके तहत निर्माण कंपनियों को कार्य शुरू होने से पहले संबंधित प्राधिकरण को सूचित करना आवश्यक होगा।
इस कदम से न केवल श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि उनके लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था भी सुनिश्चित होगी।
अधिकारियों ने निर्माण कंपनियों और श्रमिकों से अपील की है कि वे इस नियम का पालन करें ताकि किसी भी दुर्घटना या समस्या की संभावना कम हो सके।
निर्माण कार्य में सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए MPBOCW अधिनियम का महत्व
भवन और अन्य संनिर्माण कर्मकार (MPBOCW) अधिनियम, 1996 के तहत हर निर्माण कार्य की सूचना देना अनिवार्य है। इस कदम से श्रमिकों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं।
• सुरक्षा: निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाते हैं।
• सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ: श्रमिक सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
• दुर्घटना की स्थिति में सहायता: किसी अप्रत्याशित घटना या दुर्घटना में समय पर मदद उपलब्ध होती है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य एवं कल्याण को प्राथमिकता देने के लिए लागू की गई है।
निर्माण कंपनियों और श्रमिकों से अपील की गई है कि वे इस नियम का पालन करें, ताकि सभी के लिए सुरक्षित और संरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित किया जा सके।



