Dainik KunjDainik KunjDainik Kunj
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें
    राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरेंShow More
    चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर राष्ट्र नमन: पीएम मोदी और शिवराज सिंह ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
    February 27, 2026
    दिल्ली शराब घोटाले में बरी हुए अरविंद केजरीवाल: भावुक वीडियो वायरल, निर्दोष साबित होने के बाद पीएम मोदी से कही ये बात
    February 27, 2026
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक आज, नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर लग सकती है अंतिम मुहर
    February 26, 2026
    इजरायल के विपक्षी नेताओं का PM मोदी से संवाद: ‘संसद वॉकआउट आपसे नहीं, भारत-इजरायल दोस्ती शाश्वत’
    February 26, 2026
    दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जुबिन नौटियाल की पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा, AI प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स को नाम-आवाज़ व इमेज के बिना उपयोग पर सख्त रोक
    February 25, 2026
  • मध्य प्रदेश
    मध्य प्रदेशShow More
    MP में प्रशासनिक कसावट: समय पर नहीं पहुंचे अफसर तो लौटेगा सिक्स डे वर्किंग सिस्टम, CM की दो टूक चेतावनी
    February 27, 2026
    सेवाधाम आश्रम मामला: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय सख्त, 17 बच्चों की मौत पर PIL दर्ज करने के निर्देश; मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव समेत कलेक्टर-कमिश्नर को नोटिस
    February 26, 2026
    26 फरवरी महाकाल भस्म आरती: महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का भांग-चंदन व आभूषणों से दिव्य श्रृंगार, करें पावन दर्शन
    February 26, 2026
    फाल्गुन नवमी पर अलौकिक भस्म आरती: महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में त्रिनेत्र-त्रिपुंड से सजे बाबा महाकाल, उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
    February 25, 2026
    भोपाल में राहुल गांधी ने ‘अपनी ही पार्टी का पटका फेंका’? BJP का हमला— देश और संगठन अहंकार से नहीं चलते
    February 24, 2026
  • राज्यवार ख़बरें
    • छत्तीसगढ़
    • बिहार
  • संभागवार ख़बरें
    • भोपाल
    • इंदौर
    • जबलपुर
    • ग्वालियर
    • उज्जैन
    • चंबल
    • नर्मदापुरम
    • रीवा
    • शहडोल
    • सागर
  • विविध ख़बरें
    • अपराध (जुर्म)
    • कैरियर्स ( जॉब )
    • जनमंच
    • जीवन मंत्र
    • सुरक्षा
    • धर्म-आध्यात्म
      • त्योहार और परंपराएँ
      • त्योहार और विशेष दिन
      • धर्म और आस्था
      • धार्मिक त्योहार
      • धार्मिक स्थल
  • ई-पेपर
    • अरण्य पत्रिका ई-पेपर
    • दैनिक कुंज ई-पेपर
  • संपर्क करें
Reading: “अरावली पर खतरे की बात बेबुनियाद” — भूपेंद्र यादव बोले, 98% हिस्सा संरक्षित
Share
Font ResizerAa
Dainik KunjDainik Kunj
  • Home
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें
  • मध्य प्रदेश
  • राज्यवार ख़बरें
  • संभागवार ख़बरें
  • विविध ख़बरें
  • ई-पेपर
  • संपर्क करें
Search
  • Home
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें
  • मध्य प्रदेश
  • राज्यवार ख़बरें
    • छत्तीसगढ़
    • बिहार
  • संभागवार ख़बरें
    • भोपाल
    • इंदौर
    • जबलपुर
    • ग्वालियर
    • उज्जैन
    • चंबल
    • नर्मदापुरम
    • रीवा
    • शहडोल
    • सागर
  • विविध ख़बरें
    • अपराध (जुर्म)
    • कैरियर्स ( जॉब )
    • जनमंच
    • जीवन मंत्र
    • सुरक्षा
    • धर्म-आध्यात्म
  • ई-पेपर
    • अरण्य पत्रिका ई-पेपर
    • दैनिक कुंज ई-पेपर
  • संपर्क करें
Follow US

© 2026 DainikKunj.Com. All rights reserved. Design by SBS India

Dainik Kunj > Latest Posts > राष्ट्रीय ख़बरें > “अरावली पर खतरे की बात बेबुनियाद” — भूपेंद्र यादव बोले, 98% हिस्सा संरक्षित
राष्ट्रीय ख़बरें

“अरावली पर खतरे की बात बेबुनियाद” — भूपेंद्र यादव बोले, 98% हिस्सा संरक्षित

Roshni Bisen
Roshni Bisen
Roshni Bisen - Editor dainikkunj.com
ByRoshni Bisen
रोशनी बिसेन dainikkunj.com की संपादक हैं, जो निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित हैं।
Follow:
Published: December 25, 2025
Share
SHARE

अरावली पर्वतमाला को लेकर मचा बवाल, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बोले – 98% अरावली पूरी तरह सुरक्षित

खनन की अनुमति नहीं, गहलोत सरकार पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली।
अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद देशभर में विरोध और बहस तेज हो गई है। पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों का एक वर्ग इस फैसले को अरावली पर्वतमाला के अस्तित्व के लिए खतरा बता रहा है। कई राज्यों में इसे लेकर प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं।

इस बीच, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्थिति पर सफाई देते हुए कहा है कि अरावली पर्वतमाला का 98 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है और वहां किसी भी तरह के खनन की अनुमति नहीं दी गई है।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अरावली को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम से जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का गलत अर्थ निकाला जा रहा है और इससे अरावली के संरक्षण पर कोई आंच नहीं आएगी।

केंद्रीय मंत्री ने इस मुद्दे पर राजस्थान की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में अरावली क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए, जिससे आज यह विवाद खड़ा हुआ है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि अरावली पर्वतमाला उत्तर भारत की पारिस्थितिकी के लिए बेहद अहम है। यह क्षेत्र जलवायु संतुलन, भूजल संरक्षण और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

फिलहाल, अरावली को लेकर देश में बहस जारी है और सभी की निगाहें आगे सरकार और न्यायपालिका की अगली पहल पर टिकी हुई हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञ और पर्यावरण प्रेमियों ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे अरावली की पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण पर असर पड़ सकता है। कई लोगों का मानना है कि इस नई परिभाषा के चलते कम ऊँचाई वाले हिस्सों में खनन और निर्माण की अनुमति मिल सकती है, जिससे जंगल, जल स्रोत और जैव विविधता प्रभावित हो सकती है।

सियासत में भी यह मुद्दा गर्मा गया है। कुछ राजनीतिक दलों और स्थानीय समूहों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताई है, जबकि केंद्रीय मंत्री और अधिकारी इसे सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी बताते हुए भ्रम दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, अरावली पर्वतमाला न केवल उत्तर भारत के जलवायु संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जल संसाधनों और प्राकृतिक जीवन के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाता है।

इस फैसले के बाद अब पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन को लेकर देशभर में बहस और प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।

भूपेंद्र यादव ने बताया कि माइनिंग की अनुमति मिलने से पहले दो महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। सबसे पहले, हर जिले के लिए मैनेजमेंट साइंटिफिक प्लान तैयार किया जाएगा। इसके बाद, ICFRE (Indian Council of Forestry Research and Education) उस योजना का मूल्यांकन (evaluation) करेगा। केवल इसके बाद ही माइनिंग की अनुमति दी जाएगी, और इस दौरान सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अरावली पर्वतमाला को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण सुनिश्चित करेगी, जिससे पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बना रहेगा।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो खदानों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, वे सभी कांग्रेस शासन के समय की हैं। उन्होंने बताया कि इन खदानों में आठ से दस साल तक खनन हुआ और फिर उन्हें वैसे ही छोड़ दिया गया।

केंद्रीय मंत्री ने अरावली की नई परिभाषा भी स्पष्ट की। अब दो या अधिक पहाड़ियों का समूह, जिनकी ऊंचाई कम से कम 100 मीटर हो और जो एक-दूसरे से 500 मीटर के भीतर स्थित हों, उन्हें अरावली का हिस्सा माना जाएगा। इसके अलावा, इन पहाड़ियों के बीच की घाटियां, ढलानें और अन्य भू-आकृतियां, चाहे उनकी ऊंचाई कुछ भी हो, संरक्षित क्षेत्र में शामिल होंगी।

भूपेंद्र यादव ने यह भी कहा कि नई परिभाषा और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अरावली का 98% हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है और वहां कोई नई माइनिंग नहीं होगी। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए सभी गतिविधियों का मूल्यांकन वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस परिभाषा से अरावली की पारिस्थितिकी और जल संरक्षण को सुरक्षा मिलेगी और पर्यावरण हितैषियों के बीच फैले भ्रम को भी दूर किया जा सकेगा।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि अरावली सदियों से सभ्यता का केंद्र रही है, यहाँ किले, नदियाँ और आवासीय क्षेत्र हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अरावली के केवल 0.19 प्रतिशत क्षेत्र में ही खनन हो रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में भी खनन केवल 0.1 प्रतिशत क्षेत्र में सीमित है, जैसे कि मार्बल निकालने की गतिविधियाँ।

जब उनसे पूछा गया कि क्या खनन को पर्यावरण संरक्षण से ऊपर रखा जा रहा है और पूरे अरावली क्षेत्र को ‘नो-गो जोन’ क्यों नहीं घोषित किया गया, तो उन्होंने कहा कि ऐसा करना व्यावहारिक नहीं होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा और संरक्षण के मानकों का पालन करते हुए खनन पर सख्त निगरानी की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से अरावली की पारिस्थितिकी, वन्यजीव संरक्षण और जलवायु संतुलन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, जबकि सीमित खनन गतिविधियों से स्थानीय उद्योग और रोजगार भी प्रभावित नहीं होंगे।

भूपेंद्र यादव ने बताया कि एक सिंगल यूनिट पहाड़ को अरावली में शामिल करने के लिए उसकी ऊंचाई कम से कम 100 मीटर होनी चाहिए, लेकिन ऊंचाई केवल ऊपर से नहीं, बल्कि नीचे तक के धरातल को मापकर तय की जाती है। इससे पहाड़ी का पूरा फैलाव और उसके आसपास की छोटी-मोटी पहाड़ियां भी अरावली रेंज में शामिल हो जाती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि 200 मीटर ऊँची पहाड़ियों के बीच का भूभाग और छोटी-बड़ी सभी पहाड़ियां भी अरावली रेंज का हिस्सा मानी जाएंगी। इस परिभाषा के अनुसार अब अरावली का लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र सुरक्षित और संरक्षित माना जाता है।

केंद्रीय मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि नई वैज्ञानिक परिभाषा से अरावली के पर्यावरण, जल स्रोत और पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने में मदद मिलेगी और भ्रमित करने वाली जानकारी को रोका जा सकेगा।

पूर्व IPS श्रीलेखा बनेंगी तिरुवनंतपुरम की मेयर, केरल BJP में लगभग सहमति
‘2026 में जीत तय’, अमित शाह का दावा—प्रचंड बहुमत से बंगाल में सरकार बनाएगी BJP
केंद्र–बंगाल टकराव तेज़: ममता का बड़ा कदम, मनरेगा आदेश की कॉपी फाड़कर जताया विरोध
MP Morning News: SIR के बाद MP में वोटर लिस्ट से 41 लाख नाम कटने की आशंका, आज जारी होगी प्रारंभिक मतदाता सूची; PPP मोड मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास आज, बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन
जय हिंद! राजकोट में गूंजी देशभक्ति की गूंज, ‘सूर्यकिरण’ टीम ने आसमां में लिखा इतिहास
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram
Roshni Bisen - Editor dainikkunj.com
ByRoshni Bisen
Follow:
रोशनी बिसेन dainikkunj.com की संपादक हैं, जो निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Join Our WhatsApp Group

Get latest news and updates directly on your phone.

Join Now
Popular News
ट्रेंडिंगमहाराष्ट्रराष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरेंसियासत

इतिहास रचा: सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम, शरद पवार और सुप्रिया सुले नहीं पहुंचे

Roshni Bisen
Roshni Bisen
January 31, 2026
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु नई दिल्ली में इंदौर की बेटी पूजा गर्ग को “राष्ट्रीय पुरस्कार 2025” से करेंगी सम्मानित
मतदाता दिवस पर CM ममता बनर्जी का ECI पर हमला, बोलीं—‘आयोग अपने आका के इशारे पर कर रहा काम’
धुरी समाज भवन का लोकार्पण और रामधुनी कार्यक्रमों में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
विमान हादसे में अजित पवार समेत भारत के इन बड़े नेताओं की गई है जान, 7 महीने पहले विजय रुपाणी हुए थे शिकार
- Advertisement -
Ad imageAd image
Weather
29°C
Madhya Pradesh
clear sky
29° _ 29°
22%
4 km/h
Sun
31 °C
Mon
33 °C
Tue
34 °C
Wed
35 °C
Thu
36 °C

Categories

  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें
  • मध्यप्रदेश
  • अपराध (जुर्म)
  • जीवन मंत्र
  • कैरियर्स ( जॉब )
  • दैनिक कुंज ई-पेपर
  • अरण्य पत्रिका ई-पेपर

About US

दैनिक कुंज एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो भारत और विशेष रूप से मध्य प्रदेश की राजनीति, समाज, शिक्षा, संस्कृति और जनहित से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष एवं सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से जनता की सच्ची आवाज़ को हर घर तक पहुँचाना है।

Join Our WhatsApp Group

Get latest news and updates directly on your phone. Join Now

© 2026 DainikKunj.Com. All rights reserved. Design by SBS India

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?