CM Fadnavis Big Announcement On BMC Mayor:
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे बंधुओं—उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे—के मराठी मानुष के मुद्दे पर सीधा राजनीतिक जवाब देते हुए बड़ा ऐलान किया है। सीएम फडणवीस ने कहा कि “मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा।”
सीएम फडणवीस 15 जनवरी को होने वाले BMC चुनाव से पहले बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की पहली संयुक्त रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मुंबई की पहचान, संस्कृति और अस्मिता को लेकर जनता भ्रम में नहीं है और आने वाले चुनाव में इसका स्पष्ट संदेश मिलेगा।
उन्होंने दावा किया कि बीजेपी-शिवसेना गठबंधन मुंबई की जनता के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान के मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतरा है। सीएम ने कहा कि BMC चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य का चुनाव है।
इस बयान को ठाकरे गुटों के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि मराठी मानुष और हिंदुत्व के मुद्दे पर फडणवीस का यह बयान BMC चुनाव में सियासी ध्रुवीकरण को और तेज कर सकता है।
अब सभी की निगाहें BMC चुनाव पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई की जनता किसे अपना मेयर चुनती है।
सीएम फडणवीस ने दावा किया कि पिछले सात महीनों में बड़ी संख्या में घुसपैठियों को चिन्हित कर वापस भेजा गया है और राज्य सरकार इस मुद्दे पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि मुंबई की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
BMC चुनाव को लेकर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा। उनके इस बयान को आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है।
सीएम फडणवीस के इस बयान को महायुति गठबंधन की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। विपक्षी दलों पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई की पहचान, सुरक्षा और स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
BMC चुनाव से पहले इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
सीएम फडणवीस ने कहा कि पिछले सात महीनों में मुंबई से कई बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित कर देश से बाहर भेजा गया है और यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी घुसपैठिए बाहर नहीं कर दिए जाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जा रही है और आगे भी जारी रहेगी।
मेयर पद को लेकर दो टूक बयान
मुंबई के मेयर पद पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“मैं और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही साफ कर चुके हैं कि मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा।”
उन्होंने कहा कि कुछ लोग बुर्का पहनने वाली महिला को मेयर बनाने की बात कर रहे थे, लेकिन उस समय मराठी अस्मिता की बात करने वालों ने विरोध नहीं किया। सीएम ने दोहराया कि महायुति का रुख बिल्कुल स्पष्ट है—मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू ही होगा।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह बयान उस विवाद के बाद आया है, जब मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने कहा था कि उनकी पार्टी किसी ‘खान’ को मुंबई का मेयर नहीं बनने देगी। इस बयान पर शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। वहीं, राज ठाकरे ने भी कहा था कि मुंबई का मेयर मराठी होगा और उनका ही होगा।
मुंबई महाराष्ट्र का अभिन्न हिस्सा
सीएम फडणवीस ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि हर चुनाव में बीजेपी पर मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने का आरोप लगाया जाता है, जबकि सच्चाई यह है कि मुंबई महाराष्ट्र का हिस्सा है और हमेशा रहेगी। उन्होंने कहा कि मुंबई की जनता भाषा और पहचान की राजनीति नहीं, बल्कि विकास और सुशासन चाहती है।
BMC चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के इन बयानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और बढ़ने के संकेत हैं।



