नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद Raghav Chadha को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। पार्टी की इस कार्रवाई के बाद उन पर पार्टी लाइन से हटकर काम करने और अहम मुद्दों पर अपेक्षित विरोध न करने जैसे आरोप लगाए गए।
इन आरोपों के बीच Raghav Chadha ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वे संसद में शोर-शराबा या गाली-गलौज करने नहीं, बल्कि आम जनता के मुद्दे उठाने गए हैं।
उन्होंने कहा, “मैं संसद में गाली देने नहीं गया हूं। मैंने एयरपोर्ट पर महंगे खाने, डिलीवरी राइडर्स की समस्याएं, खाने में मिलावट, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स की स्ट्राइक और टेलीकॉम कंपनियों के बार-बार रिचार्ज जैसे मुद्दे उठाए।”
चड्ढा ने विपक्षी दलों के साथ वॉकआउट न करने के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा, “मैं चुनौती देता हूं कि कोई एक उदाहरण बता दे जब मैंने वॉकआउट में हिस्सा नहीं लिया। संसद में कैमरे लगे हैं, रिकॉर्ड निकालकर देख लिया जाए।”
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने के आरोप पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी साइन नहीं किया, लेकिन सवाल सिर्फ उन्हीं पर उठाए जा रहे हैं।
Raghav Chadha ने अपने खिलाफ चल रहे आरोपों को “स्क्रिप्टेड कैंपेन” बताते हुए कहा कि एक जैसी भाषा और आरोपों के जरिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वे चुप रहे, लेकिन बार-बार झूठ फैलाए जाने के कारण जवाब देना जरूरी हो गया।
उन्होंने दोहराया कि उनका मकसद सिर्फ जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाना है, न कि राजनीतिक नाटक करना।



