भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
बिजनेस डेस्क। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। आयोग को वर्ष 2027 के अंत तक अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपनी है। इससे पहले विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय कर्मचारियों के प्रमुख संगठन नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने मौजूदा वेतन संरचना में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है।
संगठन ने वर्तमान 18 पे-लेवल को घटाकर 7 पे-लेवल करने की मांग की है। उनका तर्क है कि जिन पे-लेवल्स में कार्य और जिम्मेदारियों का अंतर बहुत कम है, उन्हें एक साथ मर्ज कर दिया जाए। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है और 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
क्यों उठी पे-लेवल मर्ज करने की मांग?
NC-JCM का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में कई पे-लेवल ऐसे हैं, जिनमें जिम्मेदारियों का अंतर बहुत कम है, लेकिन वेतन और पदोन्नति में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। इससे कर्मचारियों की करियर ग्रोथ प्रभावित होती है। इसी कारण समान प्रकृति वाले पे-लेवल्स को एकीकृत करने का सुझाव दिया गया है।
किन पे-लेवल्स के विलय का प्रस्ताव?
संगठन ने निम्नलिखित पे-लेवल्स के विलय का सुझाव दिया है—
- लेवल-2 और लेवल-3
- लेवल-4 और लेवल-5
- लेवल-6 और लेवल-7
- लेवल-8 और लेवल-9
इस तरह कुल 18 पे-लेवल को घटाकर 7 पे-लेवल करने का प्रस्ताव रखा गया है।
लेवल-5 कर्मचारियों के लिए विशेष मांग
NC-JCM ने रेलवे, डाक विभाग और अन्य केंद्रीय विभागों में कार्यरत लेवल-5 कर्मचारियों को सीधे लेवल-6 में अपग्रेड करने की भी मांग की है। संगठन का मानना है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर वेतन, तेज पदोन्नति और बेहतर करियर ग्रोथ का लाभ मिलेगा।
सैलरी कितनी बढ़ सकती है?
संगठन के अनुमान के अनुसार, यदि 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है और पे-लेवल्स का विलय मंजूर हो जाता है, तो—
- न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है।
- लेवल-2 के कर्मचारियों का वेतन 80,000 रुपये से अधिक हो सकता है।
- लेवल-4 और 5 के विलय के बाद बनने वाले नए लेवल में वेतन 1 लाख रुपये से ऊपर जा सकता है।
हालांकि, यह केवल NC-JCM का प्रस्तावित आकलन है। सरकार या 8वें वेतन आयोग की ओर से अभी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
क्या होगा फायदा?
संगठन का कहना है कि पे-लेवल कम होने से वेतन संरचना अधिक सरल होगी, प्रशासनिक जटिलताएं घटेंगी और कर्मचारियों को वेतन वृद्धि व प्रमोशन की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी। इससे विशेष रूप से निचले पे-लेवल के कर्मचारियों को करियर ग्रोथ में लाभ मिलने की उम्मीद है।
अभी अंतिम फैसला बाकी
फिलहाल 8वें वेतन आयोग ने पे-लेवल मर्जर या फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। आयोग अभी कर्मचारी संगठनों से सुझाव और मांगें प्राप्त कर रहा है। सभी प्रस्तावों पर विचार करने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे 2027 के अंत तक केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। इसके बाद सरकार वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और अन्य बदलावों पर अंतिम निर्णय लेगी।



