भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत सचिवों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अब प्रदेश के पंचायत सचिवों को 7वें वेतनमान के तहत सैलरी दी जाएगी। इसके साथ ही उनकी रिटायरमेंट आयु सीमा भी बढ़ा दी गई है। अब पंचायत सचिव 62 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त होंगे। इसके अलावा पंचायत सचिवों के लिए जिला कैडर का गठन भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पंचायत सचिवों के हित में कई अहम घोषणाएं करते हुए सौगातों का पिटारा खोल दिया। मुख्यमंत्री ने सभी पंचायत सचिवों को इन फैसलों के लिए अग्रिम बधाई भी दी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ हैं और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। 7वें वेतनमान और सेवानिवृत्ति आयु में बढ़ोतरी से पंचायत सचिवों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के पंचायत सचिवों में खुशी की लहर दौड़ गई है और इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, महिला, युवा और गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। सरकार के फैसले पंचायतों के सशक्तिकरण और विकास को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। पंचायत, पंचायत सचिव और पंचपरमेश्वर मिलकर ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने पंचायत सचिवों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि “कई बार लोग अपने परिवार पर भी भरोसा नहीं करते, लेकिन पंचायत सचिव पर पूरा भरोसा करते हैं और अपने मन की बात उन्हें बता देते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत सचिवों की निष्पक्षता बेहद जरूरी है और उनकी “टेढ़ी नजर” किसी पर नहीं पड़नी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत 16 विभागों को समाहित किया गया है, ताकि किसानों और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव गांव और सरकार के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं।
गौरतलब है कि इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत सचिवों के लिए 7वें वेतनमान, रिटायरमेंट आयु 62 वर्ष और जिला कैडर गठन जैसी कई बड़ी घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल भी विशेष रूप से मौजूद रहे।



