सूर्यापेट। वर्ष 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए कर्नल बिकुमल्ला संतोष बाबू की मां बिकुमल्ली मंजुला अब राजनीति में कदम रखने जा रही हैं। वह अगले सप्ताह होने वाले सूर्यापेट नगरपालिका चुनाव में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की टिकट पर चुनाव लड़ेंगी।
सूर्यापेट कर्नल संतोष बाबू और उनके परिवार का गृह क्षेत्र है। सोमवार को मंजुला ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नॉमिनेशन के बाद उन्होंने बीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की खुलकर सराहना की।
मंजुला ने कहा कि केसीआर के मुख्यमंत्री रहते हुए तेलंगाना में विकास के कई बड़े कार्य हुए और राज्य ने हर क्षेत्र में तरक्की की। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी की नीतियों और जनसेवा की भावना के साथ वह जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी।
शहीद कर्नल संतोष बाबू की मां के चुनावी मैदान में उतरने से सूर्यापेट की राजनीति में नया मोड़ आ गया है और इस मुकाबले को लेकर स्थानीय स्तर पर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। वोटिंग के दो दिन बाद मतगणना होने की संभावना है, जिसके बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
वहीं, मेयर और नगर पालिकाओं के चेयरपर्सन का चुनाव 16 फरवरी को कराया जाएगा। इन चुनावों को राज्य की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके नतीजे आगामी राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय कर सकते हैं।
स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार उतारने शुरू कर दिए हैं और चुनाव प्रचार में तेजी आ गई है।
कर्नल बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे। उनके प्रशस्ति पत्र में बताया गया कि उन्हें दुश्मन के सामने ऑब्जर्वेशन पोस्ट स्थापित करने का जिम्मा सौंपा गया था, जिसे उन्होंने पूरी निपुणता और साहस के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया।
शत्रु के कड़े विरोध और हमले के बावजूद कर्नल बाबू ने अपने सैनिकों का नेतृत्व करते हुए पूरी कमांड और कंट्रोल संभाली और दुश्मन के हमले को रोका। इस कठिन स्थिति में वह स्वयं गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन आखिरी सांस तक उन्होंने मुकाबला किया और अपने मिशन को पूरा किया।
उनकी वीरता और नेतृत्व के इस अद्वितीय उदाहरण के लिए उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया, जिसे उनकी मां बिकुमल्ली मंजुला ने अपने बेटे की याद में ग्रहण किया। इस सम्मान ने शहीद कर्नल बाबू के परिवार और पूरे देश को गर्व से भर दिया।



