महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं का फैसला आज, बीएमसी के बॉस पर सबकी नजर
महाराष्ट्र में आज 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होगी और दोपहर तक यह साफ हो जाएगा कि किन नगर निगमों की सत्ता किसके हाथ गई। इन सभी नतीजों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा और इंतजार बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव परिणाम को लेकर है।
देश और एशिया के सबसे अमीर नगर निगम माने जाने वाले बीएमसी का बजट और राजनीतिक महत्व इसे महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति में खास बनाता है। ऐसे में आज यह तय होगा कि बीएमसी का बॉस कौन बनेगा और मुंबई की सत्ता किस पार्टी के हाथ में जाएगी।
बीएमसी चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखा गया। बीजेपी, शिवसेना (दोनों गुट), कांग्रेस, एनसीपी और अन्य दलों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। नतीजे यह भी तय करेंगे कि मुंबई की राजनीति में किस दल का दबदबा कायम रहेगा।
मतगणना के साथ-साथ रुझान और अंतिम परिणाम लगातार अपडेट होते रहेंगे। आज का दिन यह साफ कर देगा कि एशिया के सबसे अमीर नगर निगम की कमान आखिर किसके हाथ जाएगी।
अनुमानों के अनुसार भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 130 से 150 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 सीटों का है। अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो एशिया के सबसे अमीर नगर निगम की सत्ता भाजपा गठबंधन के हाथ में जा सकती है।
वहीं कांग्रेस गठबंधन को एग्जिट पोल में करीब 60 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में 5 से 7 सीटें जाने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि एग्जिट पोल के नतीजे अंतिम नहीं होते, लेकिन इन अनुमानों ने महाराष्ट्र की राजनीति का तापमान जरूर बढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें आज होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि बीएमसी का असली बॉस कौन बनेगा और मुंबई की सत्ता की चाबी किसके हाथ आएगी।
चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामों से यह खुलासा हुआ है कि मुंबई की राजनीति में इस बार अमीर उम्मीदवारों की संख्या काफी ज्यादा है। कई प्रत्याशियों ने अपने शपथ पत्र में रियल एस्टेट, कारोबार, शेयर और अन्य संपत्तियों का बड़ा ब्योरा दिया है, जो बीएमसी चुनाव को देश के सबसे महंगे स्थानीय निकाय चुनावों में शामिल करता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एशिया के सबसे अमीर नगर निगम होने की वजह से बीएमसी की सत्ता पर कब्जा हर पार्टी के लिए बेहद अहम है। यही कारण है कि लगभग हर प्रमुख दल ने आर्थिक रूप से मजबूत और प्रभावशाली उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
हलफनामों में सामने आए ये आंकड़े न सिर्फ चुनावी खर्च और धनबल की ओर इशारा करते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि मुंबई की स्थानीय राजनीति में अमीरी और सत्ता का रिश्ता कितना गहरा होता जा रहा है।
47 वर्षीय मकरंद नार्वेकर इससे पहले दो बार नगरसेवक रह चुके हैं और पेशे से वकील हैं। उनके हलफनामे के मुताबिक, बीते वर्षों में उनकी संपत्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है। साल 2012 में उनकी संपत्ति 3.67 करोड़ रुपये थी, जो 2017 में बढ़कर 6.32 करोड़ हो गई। वहीं 2026 में यह आंकड़ा सीधे 124 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
हलफनामे में यह भी खुलासा हुआ है कि अक्टूबर 2022 से नवंबर 2025 के बीच मकरंद नार्वेकर ने अलीबाग में 27 जमीन के टुकड़े खरीदे। उनका दावा है कि अटल सेतु (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक) और रो-रो फेरी सेवा जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के चलते इन इलाकों में जमीन की कीमतों में भारी उछाल आया, जिससे उनकी संपत्ति का मूल्य तेजी से बढ़ा।
बीएमसी चुनाव के हलफनामों ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि एशिया के सबसे अमीर नगर निगम की राजनीति में बड़े आर्थिक हित जुड़े हुए हैं। मकरंद नार्वेकर की संपत्ति में हुई तेज बढ़ोतरी अब राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन चुकी है।
करोड़पति उम्मीदवारों की सूची में वार्ड 225 से उम्मीदवार हर्षिता नार्वेकर का नाम प्रमुख है। हर्षिता नार्वेकर ने 63.62 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। साल 2017 में उनकी संपत्ति 10.74 करोड़ रुपये थी, यानी करीब 9 साल में उनकी संपत्ति में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। हर्षिता, बीजेपी नेता मकरंद नार्वेकर की भाभी हैं।
इस लिस्ट में कलीना से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार सना अब्बास कुरैशी भी शामिल हैं, जिन्होंने 60.3 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। वह बीएमसी चुनाव की सबसे अमीर महिला उम्मीदवारों में गिनी जा रही हैं।
इसके अलावा पूर्व विधायक सदा सरवणकर के बेटे समाधान सरवणकर भी करोड़पति उम्मीदवारों की सूची में हैं। उनकी घोषित संपत्ति 46.59 करोड़ रुपये है, जबकि साल 2017 में यह आंकड़ा 9.43 करोड़ रुपये था।
वहीं पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने अपने हलफनामे में 5 करोड़ 26 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है। साल 2017 में उनकी संपत्ति 1 करोड़ 61 लाख 53 हजार रुपये थी। इस तरह करीब 8 वर्षों में उनकी संपत्ति में लगभग 3.65 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
करोड़पति उम्मीदवारों में वार्ड संख्या 209 से यामिनी जाधव भी शामिल हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 14 करोड़ 57 लाख रुपये है।
बीएमसी चुनाव के ये आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि एशिया के सबसे अमीर नगर निगम की राजनीति में संपन्न उम्मीदवारों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है, और चुनावी मुकाबले में धनबल एक अहम फैक्टर बनता जा रहा है।
पूर्व शिवसेना मेयरों की संपत्ति
दादर शिवाजी पार्क से उम्मीदवार प्रिया सरवणकर ने अपने हलफनामे में 12.16 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। वहीं पूर्व शिवसेना मेयर श्रद्धा जाधव, जो वर्ष 2009 से 2012 तक मुंबई की मेयर रहीं, ने 46.34 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। ये आंकड़े बीएमसी की राजनीति में धनबल की मजबूत मौजूदगी को दर्शाते हैं।
पान बेचने वाला भी चुनावी मैदान में
करोड़पति उम्मीदवारों के बीच एक अलग ही मिसाल पेश कर रहे हैं बांद्रा से निर्दलीय उम्मीदवार अशोक गुप्ता। पेशे से पान बेचने वाले अशोक गुप्ता ने 1.6 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जिसमें एसआरए का घर, बचत और पत्नी के गहने शामिल हैं। सीमित साधनों के बावजूद उनका चुनाव लड़ना लोकतंत्र की विविधता को दर्शाता है।

10 बजे से शुरू होगी मतगणना
बीएमसी चुनाव 2026 की मतगणना सुबह 10 बजे से शुरू होगी। इसके लिए 23 अलग-अलग काउंटिंग रूम बनाए गए हैं। सुरक्षा, ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में 2,299 अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। यह जानकारी म्युनिसिपल कमिश्नर और जिला निर्वाचन अधिकारी भूषण गगरानी ने दी है।
एग्जिट पोल: महिलाओं में बीजेपी को बढ़त का अनुमान
एग्जिट पोल के मुताबिक बीएमसी चुनाव में बीजेपी गठबंधन को 44 प्रतिशत महिलाओं और 40 प्रतिशत पुरुषों का समर्थन मिल सकता है। वहीं यूबीटी गठबंधन को 31 प्रतिशत महिलाओं और 33 प्रतिशत पुरुषों का साथ मिलने का अनुमान है। जबकि कांग्रेस को महिलाओं और पुरुषों दोनों में करीब 13-13 प्रतिशत समर्थन मिलने की संभावना जताई गई है।
बीएमसी चुनाव न सिर्फ सत्ता का फैसला करेंगे, बल्कि यह भी दिखाएंगे कि एशिया के सबसे अमीर नगर निगम की राजनीति में धनबल, जनबल और जमीनी संघर्ष का संतुलन किस ओर जाता है।