भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल हालिया उपचुनाव में दतिया सीट पर भाजपा को मिली हार के बाद मध्य प्रदेश भाजपा संगठन को लेकर दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश भाजपा संगठन की स्थिति और चुनावी प्रदर्शन का फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में दिल्ली में मध्य प्रदेश के शीर्ष नेताओं की केंद्रीय नेतृत्व के साथ मुलाकातों का दौर जारी है।
दिल्ली में बड़े नेताओं की अहम मुलाकातें
संगठन की स्थिति और लगातार कमजोर होते चुनावी प्रदर्शन को लेकर शीर्ष स्तर पर मंथन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पार्टी पदाधिकारियों और केंद्रीय नेतृत्व के नेताओं से मुलाकात की है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई है। वहीं कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लंबी चर्चा की।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन के बीच भी बैठक हुई है। इसके अलावा 2023 विधानसभा चुनाव के सह-प्रभारी रहे अश्विनी वैष्णव से चुनाव के दौरान बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले रजनीश अग्रवाल ने मुलाकात की।
लगातार चुनावी प्रदर्शन पर केंद्रीय नेतृत्व की नजर
विजयपुर और उसके बाद दतिया उपचुनाव में मिली हार ने मध्य प्रदेश भाजपा संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा बुधनी में भाजपा की जीत का अंतर करीब एक लाख से घटकर लगभग 10 हजार के आसपास रह जाना और अमरवाड़ा में कड़े संघर्ष के बाद जीत दर्ज होना भी केंद्रीय नेतृत्व के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
अब दिल्ली में इस बात पर मंथन किया जा रहा है कि लगातार चुनावों में संगठन से कहां चूक हो रही है और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ कमजोर होने के पीछे क्या कारण हैं।
संगठन में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज
केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर चल रही बैठकों और फीडबैक के बाद मध्य प्रदेश भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि संगठन की कार्यप्रणाली, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति को लेकर पार्टी नेतृत्व जल्द ही कुछ महत्वपूर्ण फैसले ले सकता है।
हालांकि, संगठन में बदलाव को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली में लगातार हो रही बैठकों ने प्रदेश भाजपा के भीतर सियासी हलचल जरूर बढ़ा दी है।




