भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से इस सीजन में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। प्रदेश में अब तक औसतन 9.7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 11.4 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
इस वर्ष मानसून ने 24 जून को मध्य प्रदेश में प्रवेश किया, जो सामान्य तिथि से 9 दिन देरी से था। जून महीने में प्रदेश में सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई। जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियां बढ़ीं, लेकिन दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ने से बारिश का सिलसिला फिर धीमा हो गया।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी और सिंगरौली में मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं इंदौर, रायसेन, धार, झाबुआ, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, जबलपुर और सतना सहित 23 जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
39 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के 39 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। रीवा, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर, रायसेन, विदिशा, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बैतूल और शिवपुरी सहित कई जिले बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं।
वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, हरदा, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, राजगढ़, नीमच और मंदसौर समेत 16 जिलों में बारिश सामान्य या उससे बेहतर रही है। अब तक सबसे अधिक करीब 17.9 इंच बारिश देवास में दर्ज की गई है, जबकि अलीराजपुर में सबसे कम करीब 2.3 इंच वर्षा हुई है।
20 जुलाई के बाद बदलेगा मौसम
लगातार कम बारिश के कारण प्रदेश की कई नदियों और जलाशयों का जलस्तर भी घटने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार 20 से 22 जुलाई के बीच बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं।



