भोपाल संवाददाता, रोशनी बिसेन
उज्जैन, 1 जून। विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Temple में ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर सोमवार तड़के भगवान महाकाल की भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम शुरू हुआ और विशेष श्रृंगार के साथ बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन किया गया।

मंदिर के पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन करने के बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत द्वारा अभिषेक किया गया। भांग, चंदन एवं आकर्षक आभूषणों से भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया।
भस्म अर्पण की परंपरा के तहत प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। इसके उपरांत शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्प अर्पित कर भगवान का भव्य अलंकरण किया गया।
भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कानों में अपनी मनोकामनाएं प्रकट कीं और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।



