भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) और जीआई टैग आधारित विकास मॉडल को मजबूती से लागू कर स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रहा मध्यप्रदेश
आत्मनिर्भर भारत अभियान में MSME सेक्टर को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन माना गया है। मध्यप्रदेश में 24 लाख से अधिक MSME इकाइयां सक्रिय हैं, जो सवा करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। राज्य सरकार की MSME विकास नीति 2025, स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाओं और वित्तीय सहायता कार्यक्रमों ने उद्यमिता को नई गति दी है।
ODOP से मिली स्थानीय उत्पादों को नई पहचान
‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। धार का बाग प्रिंट, रीवा का सुंदरजा आम, मुरैना की गजक, चंदेरी की साड़ी, शिवपुरी की जैकेट और छतरपुर के हस्तशिल्प जैसे उत्पाद आज प्रदेश की पहचान बन चुके हैं।
राज्य सरकार ने उज्जैन में 284 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल स्थापित करने की घोषणा की है, जहां ODOP उत्पादों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। मृगनयनी एम्पोरियम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इन उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है।
GI टैग से बढ़ी वैश्विक मांग
मध्यप्रदेश के 26 उत्पादों को अब तक जीआई टैग प्राप्त हो चुका है। जीआई टैग मिलने से उत्पादों की प्रामाणिकता बढ़ी है, नकली उत्पादों पर रोक लगी है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में वृद्धि हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार जीआई टैग स्थानीय कारीगरों और किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ-साथ क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला संबल
प्रदेश सरकार महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समुदायों को स्थानीय उद्योगों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
विकसित भारत के लक्ष्य को मिल रही गति
राज्य में रेडीमेड गारमेंट्स, फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनने का अवसर मिल रहा है।
MSME, ODOP और GI टैग का यह त्रिस्तरीय मॉडल मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। “वोकल फॉर लोकल” से आगे बढ़कर “ग्लोबल फॉर लोकल” की दिशा में प्रदेश तेजी से कदम बढ़ा रहा है और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान कर रहा है।



