मध्य प्रदेश की राजनीति में बुधवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। बैतूल जिले की मुलताई नगर पालिका अध्यक्ष नीतू परमार ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। नीतू परमार का राजनीतिक सफर लंबे समय से चर्चाओं में रहा है। वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में उन्होंने भाजपा समर्थित उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में कांग्रेस के समर्थन से नगर पालिका अध्यक्ष बनी थीं। उनके निर्वाचन को अदालत में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद जिला अदालत ने जून 2023 में उनका चुनाव निरस्त कर दिया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने 2026 में फैसला सुनाते हुए उनका अध्यक्ष पद बहाल कर दिया।
इधर ग्वालियर में भाजपा की अंदरूनी राजनीति भी गरमा गई है। वार्ड-25 के पूर्व पार्षद और सिंधिया समर्थक नेता देवेंद्र पाठक ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना इस्तीफा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा जिला अध्यक्ष जय प्रकाश राजौरिया और संगठन को भेजा। इस्तीफे में देवेंद्र पाठक ने पार्टी नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी क्षेत्र में पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल के इशारे पर चल रही है और समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
देवेंद्र पाठक ने यह भी संकेत दिए कि उनके साथ ब्राह्मण समाज और कई समर्थक भी इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे ग्वालियर भाजपा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति अपनी निष्ठा बरकरार रखने की बात कही और कहा कि वे जीवनभर सिंधिया के साथ रहेंगे। अब देखना होगा कि भाजपा संगठन इस घटनाक्रम को कितनी गंभीरता से लेता है और इसका आने वाले दिनों में क्या राजनीतिक असर पड़ता है।



