भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल/उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप हथकरघा क्षेत्र को प्रोत्साहन देने, पारंपरिक कला को संरक्षित करने और स्थानीय महिलाओं एवं बुनकरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। उज्जैन में अब एक बार फिर कॉटन और अन्य कपड़ों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए ‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की शुरुआत की गई है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को इंदौर रोड स्थित बाबा साहब नातू सामुदायिक भवन, प्रशांति धाम के पास कौशल एवं तकनीकी विकास योजना के अंतर्गत इस सेंटर का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सेंटर पर मौजूद महिलाओं से चर्चा कर हथकरघा उद्योग की जानकारी ली और स्वयं चरखा भी चलाया।
महिलाओं को मिलेगा छह माह का प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सेंटर में महिलाओं को हाथकरघा संचालन, बुनाई और कपड़ा निर्माण की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिलाओं को लगभग छह माह का बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं घर पर चरखा चलाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी और उन्हें लगभग 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय प्राप्त होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि लूम के संचालन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कॉटन के साथ-साथ रेशम उत्पादन को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सेंटर के प्रथम तल पर नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सके। वहीं भूतल पर तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए शो-रूम बनाने की बात भी कही।
मृगनयनी को मिला डिजिटल प्लेटफॉर्म का नया गौरव
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत संचालित मृगनयनी ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह देश का पहला सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) के स्वामित्व वाला एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म बना है।
इस पहल से मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों को डिजिटल पहचान मिलेगी और प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों एवं उद्यमियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर खुलेंगे।
खादी और ग्रामोद्योग को मिला नया बाजार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में निर्मित खादी के कपड़ों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में खादी ग्रामोद्योग के मुनाफे में 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने धार में स्थापित किए जा रहे पीएम मित्रा पार्क का भी उल्लेख किया और कहा कि यह देश का सबसे बड़ा औद्योगिक पार्क बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि हथकरघा और वस्त्र क्षेत्र के विस्तार से मध्यप्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
महिलाओं को मिलेगा स्वावलंबन का आधार
इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन को एक और महत्वपूर्ण सौगात दी है। उन्होंने कहा कि हैंडलूम सेंटर के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ रोजगार का अवसर मिलेगा और वे आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकेंगी।
हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में महिलाओं को लगभग छह माह का बुनियादी हथकरघा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें हथकरघा संचालन, बुनाई और कपड़ा निर्माण की तकनीकों में दक्ष बनाया जाएगा। इससे उज्जैन की पारंपरिक हथकरघा कला को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।




